July 9, 2010

स्वर्ग में नरक पार्ट-II

     स्वर्ग में नरक नामक शीर्षक में कल मैंने कुछ बातें लिखी, जो मुझे समझ में आई थीं। कुछ बंधुओं कि प्रतिक्रिया भी प्राप्त हुई। लेख में लिखी कुछ बातें मैं और साफ़ कर देना चाहता हूँ। मेरा व्यक्तिगत समर्थन घाटी कि गरीब जनता के प्रति है जो इतनी बेरोजगार है कि मात्र चार-पांच सौ रुपये में पत्थर फेकनें को तैयार हो जाते हैं। यह एक कटु सत्य है रही बात नक्सल कि तो आप सभी को मालूम होना चाहिए जबसे राष्ट्रपति शासन झारखण्ड में लागू हुआ है तब से कितने नक्सली पकड़े गए और कितने मारे गए। इनसे एक बात तो बिलकुल साफ़ नजर आती है कि कौन नक्सल का साथ दे रहा है तथा कौन अलगाव का।  

No comments:

Post a Comment

तेजी से भागते हुए कालचक्र में से आपके कुछ अनमोल पल चुराने के लिए क्षमा चाहता हूँ,
आपके इसी अनमोल पल को संजोकर मैं अपने विचारों और ब्लॉग में निखरता लाऊंगा।
आप सभी स्नेही स्वजन को अकेला कलम की तरफ से हार्दिक धन्यवाद !!

Related Posts with Thumbnails